फ्राँस की 25,000 वर्ष पुरानी Pech Merle गुफ़ा में दीवारों पर चित्तिदार घोड़ों की कलाकारी के चारों ओर बने हाथ के साँचे बहुत प्रसिद्ध रहे हैं।
जबसे मानव ने कलाकारी को रोज़गार के रूप में शुरु किया है, उन्होंने हस्तशिल्प का काम कम कर दिया है। लगभग 30,000 वर्ष पूर्व ही साँचों, रंगों से और पत्थरों पर कलाकारी की जाने लगी थी।
वैज्ञानिक मानते आ रहे थे कि प्रागैतिहासिक हस्तशिल्प का काम पुरुष किया करते थे। लेकिन यूरोपीय गुफ़ा कलाकारी के बारे में Pennsylvania State University के Archaeologist Dean Snow का कहना है कि प्रकाशित चित्रों की सतही जाँच के बाद मेरा मानना है कि इनमें स्त्री हाथ भी हैं।
Pech Merle के हाथ के साँचों (Hand Stencils) की नाप-जोख और परीक्षण के बाद यह पाया गया है कि इनमें से नि: संदेह महिलाओं के ह्स्त चिह्न भी हैं।
Popularity: 18%
Story by विनय प्रजापति
Tags: Archaeology, Hand Stencils, Pech Merle Caves, प्रागैतिहासिक, हस्तशिल्प




अच्छी जानकारी। शुक्रिया
कथन सही है। गुफा चित्रकारी में महिलाओं का योगदान ही अधिक है। पुरुष को तो भोजन तलाश से फुरसत कहाँ थी।
Prakaitihasik sabhyata ‘Maatrisattatmak’ bhi thi, isliye aadhunik anusandhan bhi in daavon ki pushti karte najar aayein; to aaschyarya nahin hona chahiye.
शिल्पकारी और चित्रकारी दो अलग-अलग विधायें है । स्त्री का इन भित्ति-चित्रो या गुफा चित्रों मे संलग्न रहना अस्वाभाविक नहीं ।
जानकारी का शुक्रिया ।
रोचक जानकारी शुक्रिया
जानकार प्रसन्नता हुई।